एक रिश्ता ऐसा भी !

एस.भाग्यम शर्मा

एक रिश्ता ऐसा भी !
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सारांश

न्यूज पेपर पढ़ते हुए अदरक की चाय को सवाद लेकर पी रहे गौरव के पास आकर बैठीं राधा। ‘‘क्यों मां काम सब खतम हो गया क्या ? ’’ रसोई का काम तो खतम हुआ पर ये जो कर्तव्य है ये पूरे ही नही हो रहें है। ’’ ‘‘ ...
Brijbihari Singh
ऐसे रिश्ते इस समाज की कुरीतियों को समाप्त कर सकने में मदद करते है परन्तु यह अपवाद के रूप में ही कही कही मिलते है
Aparna Sinha
Kash, Hamara samaj aisa ho jaye
Bhagyashree Mathur
bahut achhi kahani..👌 par jeevan k kadve such se pare...☺ aisa दृष्टिकोण dekhne ko nahi milta hai..
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Niranjan Sharma
shandar story h
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Kavita Nair
bahut khoob
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Kumud Chaturvedi
रिश्तों की समझ यदि हरेक में हो तो कोई झगड़ा ही न रहे.
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