एक प्रश्न

Prateek Agrawal

एक प्रश्न
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सारांश

गर्मियों के दिन थे , समय कुछ दोपहर का कुछ 1 हो रहा होगा, मैं दुकान से घर आ रहा था। तभी मेरी नजर कुछ लोगो पर पड़ी, वो लोग पसीने से भीगे हुए यहाँ वहाँ देख रहे थे । मैंने उन लोगो से पूछा की भैया क्या हुआ ...
संजय नायक
बहुत सुंदर
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Priyanka
आज की सच्चाई यही है छाया भी चाहिए और पेड़ भी काटना है , ये मुमकिन नहीं
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