एक जैसे ही थे दोनों

निशान्त

एक जैसे ही थे दोनों
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सारांश

गुड्डू जा चुका था और कुछ एक पल की खामोशी के बाद मेरे दिल में न जाने क्या आया की मैंने रसिका की बैकलेस और डीप नेक वाली ड्रेस देखते हुए उससे पूछ लिया, "इतनी सर्दियों में लड़कियां कैसे इतने कम कपड़े पहन कर पार्टी अटेंड कर लेती हैं?" रसिका ने एक पल को हैरान हो कर मुझे देखा और फिर उसी कातिल अदा से मुस्कुरा कर मुझसे बोली, "और लड़कियों का तो पता नहीं, मुझे गर्म कपड़ों की ज़रुरत कम पड़ती है क्यूंकि मैं हॉट हूँ. "मेरे लिए वो एक मायने में अनजान लड़की थी और ऐसा कुछ पहली ही मुलाक़ात में मैं सुनने को मेंटली तैयार नहीं था. लेकिन मुझे लगा देवर समझ कर मज़ाक कर रही होगी इसलिए मैंने भी सोचा की वैसा ही कुछ जवाब दे दूं. मैंने इतराते हुए कहा, "तो एकदम से आपको गर्म कपड़ों की ज़रूरत क्यूँ पड़ गयी?" मुझे लगा रसिका झेल जाएगी, लेकिन उसने मुझे फिर चित कर दिया. अपने क्लीवेज की ओर एक नज़र डालते हुए बोली, "शायद मेरी हॉटनेस आज कुछ कम हो गयी है. वरना भला आप नोटिस न करते ऐसा नहीं हो सकता था. इसी लिए सर्दी लगी आज."
Adiraj Keertiramsantosh
true story morality nam ki.bhi koi cheese hoti hai👍👍👍👍
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Sjl Patel
कहानी दिलचस्प है ब्लैकमेल मूवी की तरह
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ritik sharma
aajkl logo ki nzro me risto k mayne hi ni rhe..... aapki khani pdhkr aise lgta h jaise samne koi movie chl rhi ho .. nice story ....
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Ritu singh
ek jaise hi thee Sach. mein 😄😄😄
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Beena Awasthi
निशान्त जी एक कहावत है कि राम मिलाई जोड़ी एक अंधा एक कोढ़ी, आपकी इस कहानी के.पात्र ऐसी ही जोड़ी हैं।
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Silky Silk
Nice ...
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Dev Tiwari
बहुत सुंदर रचना 👌👌👍
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Barkha Verma
Wah wah mjedar khani, jo ki aajkl hota h.. Dono ek jese hi hote h
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Sachin Yadav
Khiladi Bhaiya Khiladi.
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Nidhi Vyas
superb
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