एक कमज़ोर लड़की

सूरज प्रकाश

एक कमज़ोर लड़की
(268)
पाठक संख्या − 28107
पढ़िए

सारांश

" वे मेरी पहली फेसबुक मित्र थीं जो मुझसे रू ब रू मिल रही थीं। फेसबुक पर मेरी फ्रेंड लिस्‍ट पर बेशक काफी अरसे से थीं लेकिन उनसे चैटिंग कभी नहीं हुई थी। कभी उन्‍होंने या मैंने एकाध बार एक दूसरे की पोस्‍ट को लाइक किया हो तो अलग बात है। उन्‍होंने एक बार अपनी वॉल पर लिखा था - खुद के लिए कठोर सज़ा तय की है......इस वर्ष मैं पुस्तक मेले में प्रगति मैदान नहीं जा रही.....कारण! गत वर्ष जो किताबों का अर्धशतक उठा लायी थी और सब के सब पढ़े जाने का प्रण लिया था, मैं उसे पूरा नहीं कर पायी....असल में 10 भी नहीं पढ़ पायी.... इस अपराध में मैं खुद को उस ज्ञान सागर में डुबकी लगाने के अयोग्य समझती हूं।..... दु:खद।...."
Vibha Jain
bahut he umda rachna...sir aapki lekhni mai jadu hai..pahle to iski shirshak dekhkar socha pata nahi kaisi hogi..bt jaise jaise padti gayi.puri kahani ko padkar khatam kiya..👌👌👌
रिप्लाय
अनुश्री त्रिपाठी मिश्रा
हम लोग भी खो ही जाते हैं आपकी गहरी रचनाओं में।
रिप्लाय
Madhu Sinha
पांच बरस की कथा नायिका .....जब "जादू नहीं टूटना चाहिए"लिखा था आपने ।पुनः पच्चीस वर्ष बाद ,सचमुच जादू नहीं टूटा। आपकी बहादुर सी कमजोर वंदना ने जो जीवन जिया , पढ़ते समय वाकई यही लगा जो आपने लिखा है "परकाया में प्रवेश कर जीता रहा पीता रहा" कहानी का अंत कहीं एक कसक सा छोड़ गया दिल पर। सचमुच बेहतरीन एक छोटा सा शब्द मात्र है इस कथा के लिए।आपकी रचनाएं बहा ले जाती है । प्रणाम स्वीकार करें 🙏🙏।
रिप्लाय
महक
शानदार कहानी
दुर्गेश मेघ जैसलमेर
शायद अब तक पढ़ी हुई कहानियों में बेहतरीन
रिप्लाय
Noopur Awasthi
kahani adhuri ho kr bhi purdta ki or jati h aabhasi duniya k ek ankha sach❤❤❤❤❤
shilpi
bhaut hi shaandar Dil ko chune wali kahani..... shuru se akhir tak ek ek shabd Ka chayan behtarin hai sach me .......shandaar lekhan👏👏👏👏👏👏👏🙏🙏 .
anvesh
शानदार
सारी टिप्पणियाँ देखें
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.