एक औरत की कहानी

संजना किरोड़ीवाल

एक औरत की कहानी
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सारांश

हर घर में एक साधना जरूर होती है ,,, औरत को सम्मान दे प्यार और अपनापन दे , वापसी में आपको दुगुना ही मिलेगा .... हर घर की कहानी हर औरत की कहानी शायद इसी से मिलती जुलती है
Sourabh Dahiya
nice story yhi hkikat h aadmi MATLAB I hote h
Surinder Paul Grewal Sekhon
story of many middle class families .
pramila gautam
एक औरत की सच्ची दास्तां।
Abhishek dangi
परिवार की जिम्मेदारी सबको मिल कर उठानी चाहिए तथा दूसरे के काम की भी कद्र करना चाहिए।
Komal Patel
शुभकामनायें सही है एक औरत ने अपने लिए जीना सीखा ही कब है
Gaurav Tiwari
चीज़ों को बताना पड़ता है तभी काम होता है । जहाँ तक बात है साधना की तो उसे अपने हक की आवाज उठानी चाहिए ।
Mridula Arya
विवाह के बाद एक स्त्री के लिए घर और नौकरी के बीच सामंजस्य बिठाना इतना आसान नहीं होता। विवाह के बाद नौकरी तभी चल सकती है जब परिवार पूरी तरह से सपोर्ट करे।खासतौर से महिलाओं की नौकरी। इसलिए मेरा निवेदन है कि साधना जैसी महिलाओं को कोई ना कोई फैसला लेना ही पड़ेगा। या तो वह घर के काम में पूरा समय दें या फिर नौकरी करें ।क्योंकि नौकरी और परिवार के बीच ना तो आप ऑफिस में सफल हो पाते हैं और ना घर पर। मुझे लगता है पढ़ी-लिखी लड़की के लिए इस तरीके की बेचारगी में फंसना बेमानी है। ऐसी कहानियों का आज के समय में तो कोई औचित्य ही नहीं है।
Dhaneshwari
same yhi daily routine hota hai working ladies ka very nice story mam
Manju Gaur
सीरियसली यार यही होती है वर्किंग लेडीज की लाइफ आपने बहुत अच्छे से दर्शाया है इस कहानी में बहुत अच्छी कहानी है
pankaj Agarwal
सत्य से दो चार होती कहानी अपना वजूद तो बताना पड़ेगा जिंदगी से खुद की लड़ाई लड़नी पड़ेगी
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