एक अनकहा ख्वाब

हिमाँशु मोहन

एक अनकहा ख्वाब
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सारांश

ये कहानी पुराने दिनों की याद को ताजा करती चारू की कहानी है जो अपने परिवार और समाज के कारण एक ऐसा फैसला कर लेती है जो उसने कभी सपने में भी सोचा नहीं होता है... पुराने दिनों को याद कर चारू उन्ही पुराने दिनों में खो जाती है... और जब एकाएक उसे होश आता है तो उसे ठीक करना चाहती है.. लेकिन तब तक देर हो चुकी होती है l क्या कहानी के अंत तक सब ठीक हो पाता है... जानने के लिए पढ़िए चारू का एक अनकहा ख्वाब...
Asha Shukla
very nice and impressive story👌👌💐💐💐💐💐💐
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sudha tiwari
अच्छी रचना काश ऐसा हर लड़की के साथ हो
Ajay
nyc
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Renu Raj
awesome
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Sandhya yadav
nice happy ending...it's awesome!😊
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Shuchi Avasthi
very nice story
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Meenakshi Dubey
सुंदर रचना ,सुंदर कथानक और सुंदर रचना शैली।
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