उस पार प्रिये तुम हो

संतोष श्रीवास्तव

उस पार प्रिये तुम हो
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सारांश

कर्नल गौरव चौहान के जन्म दिन पर हर साल इसी तरह की दावत दी जाती है| जब से वे फौज से रिटायर हुए हैं और सैनिक नगर की अपनी कोठी में आये हैं| अब वे सत्तर के हो चुके हैं| हालाँकि डायबिटीज उनकी रग-रग में ...
Meena Bhatt.
अच्छे सुंदर विचारों से युक्त कहानी।
Jaiveer Singh Poonia
शब्द नहीं हैं इस कहानी को बयां करने के लिए बहुत २बढिया
Akhilesh Malviya
संतोष जी काफी अच्छी बन बड़ी हैं कहानी। यही स्तर बनाये रखिये।
Anjulika Tiwari
आपकी लेखनी में मंत्रमुग्ध करने का जादू है..... अभी तक आपकी कहानी मालवगढ़ की मालविका और लौट आओ दीपशिखा पढ़कर हमने दुनिया के कई रंग देखे पर ये कहानी तो प्रेम का संपूर्ण शिखर है... बहुत बधाई
SuniL GrewaL
😥😥😥😥😥 bahut hi emotional kar diya aapki story ne,,, pyaar ka kitna gahra marm samjhaya h aapne. salute h aapki kalam ko 🙏🙏🙏🙏🙏
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