उल्लू का नाखून

विनीत शर्मा

उल्लू का नाखून
(171)
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सारांश

अंधविश्वास से उजड़ते घर को, कहानी के रूप में दर्शाया है।
Kavita Chaudhary
kahani achchhi hai sir . andhvishwas s dur rhne ki prerna deti hai. hum jane kitne apno ko in pakhandi babaon k chakkar mein padkr gnwa dete hain.. kahani ka part likh kr aise dhongi tantrik ko sza dilwaiye
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Gattu Sharma
andhvisvas
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Mohit Kumar
Bahut dukh bhari kahni h kabhi kisi tantrik k kahne me nahi ana chahiye
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Gangeswar Singh
नाम के साथ जो आपने अज्ञानी की पदवी /उपमा धारण कर रखी है उसे हटा दें । आप की प्रतिभा का अपमान है । आपने एक ऐसे मुद्दे को रचना का प्रतिपाद्य विषय है जिससे हमारे समाज का एक बड़ा हिस्सा प्रभावित है । पात्रों का चुनाव भी सटीक है । लिखते रहिए ।
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Sudhir Kumar Sharma
अद्भुत चैतन्यपूर्ण
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Armaan Khan
Nice kahani yeh jadu tone wale bhut harami hote hi
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Kamal Kashyap
v good
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Mickenzy Titus
अच्छी कहानी प्रेम भी है दर्द भी हो अन्धविश्वास ने दोनों का जीवन समाप्त कर दिया
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anu writer
अंधविश्वास जान ले कर छोड़ता है
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Vijay Gupta
marmik
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