उलझन

Kumar durgesh Vikshipt *Vaishnav*

उलझन
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सारांश

पुछती थी हाल मेरा , आकर उस हाल में। खुद ही उलझ जाती, अपने ही सवाल में।।    कुमार दुर्गेश "विक्षिप्त" ...
Neha Mishra
lovely 👌
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Sudhir Kumar Sharma
वाह वाह। और आप विक्षिप्त हो गए
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neetu singh
अति सुंदर
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Vikrant Madhale
wow
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सरिता सन्धु
दो ही पंक्तियों में बहुत कुछ कहना इसी को कहते हैं
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Satpal. Singh Jattan
very good.bhai achchhi chot khaye huye ho. shabdo ka Chayan Gazab ka hai
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योगेश
too good
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Sunil Shukla
बहुत सुंदर
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Jayshri Patil
nice lines
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