उलझन - भाग 1

Shobhna Goyal

उलझन - भाग 1
(13)
पाठक संख्या − 129
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सारांश

ट्रेन अपने गंतव्य पर अपनी गति से बढ़े जा रही थी । ट्रेन के चलने का एक जाना माना संगीत वातावरण में बैक ग्राउंड म्यूजिक की तरह चल रहा था। रात्रि का समय था । लगभग सभी यात्री नींद के आगोश में थे । पर ...
SACHIN GOSWAMI
अच्छी starting है कहानी की ।
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Rajan Mishra
रोचकता से भरपूर है आपकी रचना आगे क्या होगा उत्सुकता बरकरार रहेगी । बहुत ही अच्छा लिखा है आपने
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Sandhya Bakshi
रोचक शुरुआत । प्रतीक्षा ,अग्रिम अंक की ।
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संतोष नायक
शुरुआत बहुत अच्छी है साथ ही उत्सुकता बढ़ाने वाली। अगले भाग का इंतजार रहेगा।
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Damini
बहुत अच्छी शुरुआत हुई हैं कहानी की ।नताशा के अंदर चल रही कशमकश को जरूर जानना चाहेंगे 👌👌👌👌👌🙏
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Himanshu raghav
bhut achaa lekhan
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sushma gupta
👏🏻👏🏻👏🏻👏🏻वाह, बहुत ही बढिया रोचक प्रारंभ 👌👌👌👌💐💐💐💐💐👍
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Chourasiya brajesh
अच्छी उलझन ,,,अगला भाग का इंतजार रहेगा
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