उम्मीदों की कश्ती (संपूर्ण )

अभिधा शर्मा

उम्मीदों की कश्ती (संपूर्ण )
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सारांश

पिछली बारिश पहाड़ों से घिरे छोटे से कस्बे में मैं एक स्टडी टूर पर था, कुछ जड़ी-बूटियाँ खोजने गया था।यूथ हॉस्टल से सुबह-सुबह निकल पड़ता मैं।अभी अपने कमरे से बाहर ही आया था कि केयर टेकर ने आवाज़ दी- 'साब ...
Abhishek Rastogi
bahut hi sundar kahani. utni hi sajeev bhi. bhavnaon ka chitran itna sundar hai ki swayam us rang mein rang jaaye
Rekha Jain
Beautiful ... Pure love.... speechless....
Narender Kr Gaur
इतनी अच्छी व प्रेरणादायक कहानी बहुत समय के बाद पढ़ने को मिली। कोटि कोटि शुभकामनाएं।
Ritu Harmilapi
very beautiful & inspiring story
Rahgeer
लाजवाब.......!!!!!!! उम्मीद से ही दुनिया कायम है| आशावादी लोग ही इस संसार के रचयिता है, पिता है और व्यवस्थापक भी है......!!!!!!!
Rajashri Jajoo
super. very very nice
Mishra Op
क्या रचनायें है शर्मा जी आपकी सीधे दिल में उतरती चली जाती हैं।
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