उपकार

Bandana Singh

उपकार
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सारांश

सावन का महीना  है , मौसम भी अपने  रूआब पर है , रह रह कर वर्षा की बूंदे अपनी चंचलता दीखा रही है , अपने मकान में आगे बरामदे  में कंचन बैठे बैठे अपने गीले बालों को सूखा रही है , क्योंकि रविवार का ...
संतोष नायक
कहानी अच्छी लगी। कंचन और पंडिताइन का' उपकार ' करने का नया तरीका पसंद आया।
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