उध्दार

मुंशी प्रेमचंद

उध्दार
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सारांश

हिंदू समाज की वैवाहिक प्रथा इतनी दूषित, इतनी चिंताजनक, इतनी भयंकर हो गयी है कि कुछ समझ में नहीं आता, उसका सुधार क्योंकर हो। बिरले ही ऐसे माता-पिता होंगे जिनके सात पुत्रों के बाद भी एक कन्या उत्पन्न ...
Dinesh Mohan
बहुत सुंदर रचना
PANCHDEV KUMAR
अनूठी कहानी
leelam goswami
मारने वाले से , बचाने वाला बड़ा होता हैं । महान लेखक मुंशी प्रेमचन्द को नमन ।।
Pramila Jain
बहुत अच्छी रचना, दिल को छू गई।
dr giri
बहुत बढ़िया।
Jaiveer Singh Poonia
very nice
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Priyanka Singh
गजब की लेखनी
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