"ईदी" एक कट्टर हिंदू की ।

Raghav Shankara

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सारांश

एक कहानी जो रोज घूमती है हमारे आपके सामने, लेकिन बाजार में बिकती नहीं है ।
Ravi Sinha
बेहतरीन
Hakim Lal
यही हमारी पहचान है
ravi,n Arora
भावुक कर दिया ! इंसानियत से बढ़ कर कोई धर्म नहीं है !
रिप्लाय
Deepak Kumar
Ghazab ....beyhadh khoobsurat........bahut aachi kahani hai......Sukriya
Srk Consultants
insaniyat se badker kuch nahi.
Meraj Ahmed
उम्दा रचना। हम हिन्दू और मुस्लिम से पहले एक इंसान है। बहुत ही आसान शब्दों में दिल की बात बताई है। धन्यवाद
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