"""इश्क के रंग हजार "'

Suman Chaudhary

(21)
पाठक संख्या − 1289
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सारांश

--तुम देह से आगे कुछ सोच नहीं पाते ??? - पर ,** आग और फूस का मेल ??? --- इश्क़ का अंजाम ???
shivani
good
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Anil
Ara Wah very nice g
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Manisha Jain
बिलकुल सही किया महिला ने
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Přiỷãnkà Ģûpťã
Aaj k dour ki rachna,,purush pana chahta h mitra k riste me bhi or stri apne dayre m rah kr rista nibhaba chahti h. Pr uski soch se aaj k purush sahmat nhi hote ..unhe jo lgta hai wahi dekhte hai
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सोनू कुमार गोंदियान
यही सच है यह भी सच है की आप की कहानी बहुत अच्छी है मैं चाहता हूं आगे भी अच्छी हो कोई गलती ना हो तुमसे कुछ ऐसा समय आता है जिंदगी में समय के साथ ठीक हो जाता है बस थोड़ा संभल के चलना होता है....
Ashok Chaudhary
interesting story
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Ali Akbar
crisp and compact writing
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shobhana tarun saxena
feeling elated to read this type of penn downs .. my best wishes 👌 please do read my stories too 🙏
Vandna Sharma
Very nice
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