इश्क़

sunita shrestha

इश्क़
पाठक संख्या − 5
पढ़िए

सारांश

मेरा इश्क नहीं दो लफ्ज़ों में बयां ,,,,,, ये तो एहसास की खुशबू लिए महकता है.....*** जाने क्या जादू है तेरा इस दिल पर ,,,,,, जो तेरी ही यादों में बहकता है......** ...
रचना पर कोई टिप्पणी नहीं है
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.