इश्क़ वो आतिश है ग़ालिब

सुशांत सुप्रिय

इश्क़ वो आतिश है ग़ालिब
(145)
पाठक संख्या − 10232
पढ़िए
MUZAFFAR SIDDIQUI
कहानी का एक एक शब्द ने दिल दिमाग़ में एक ऐसे नशे का अहसास कराया है जिसका असर कहानी खत्म होने के बाद भी बहुत देर तक रहेगा । एक ऐसा प्यार जिसकी खुशबू हवा के तेज झोंके में भी अपना असर बरक़रार रखती है । बहर हाल आपको लिखने का हक़ है । बहुत बहुत मुबारकबाद ।
Manu Prabhakar
शानदार कहानी । प्रेम हर विविधता से दूर है।
Mahii Khandelwal
Woow..... ek dam dil ko touch kr gyi
पवन प्रजापति
बेहतरीन
रिप्लाय
Amarjeet Singh
कहानी का कथानक शीर्षक के अनुसार अपने को पूर्ण रूप से व्यक्त करने में सफल रहा है । फिर भी लेखक ने भावनाओं का चित्रण कुछ अतिरेक ही कर दिया प्रतीत होता है। लेखक को अभी भावनाओं के चित्रण को शब्दों में धारा प्रवाह रूप में व्यक्त करने की आवश्यकता है जिससे पाठक को वास्तव में कहानी का वास्तविक आनंद प्राप्त हो सके। मेरी शुभकामनाएं लेखक के साथ हैं ।
Devis Sheoran
आपका इशक सदियों पुरानी ईबादत है । ऐसे ही दिवानो को तपाना रब की आदत है।
सारी टिप्पणियाँ देखें
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.