इश्क़_बीएचयु

यशवंत सिंह

इश्क़_बीएचयु
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सारांश

' आ रहे हो यशवंत? ' " हा भइया, आ रहे है " ये फोन मुझे रोज आता है ताकि उस कहानी में बस सकूँ जिसका मैं दो साल से हिस्सा हूँ। ये कहानी किसी भी इतिहास में दर्ज नहीं है और शायद यह कहानी उतना महत्वपूर्ण है ...
Shivraj Yadav
दिल की बात जुबा पर लाने में समय ना लगाय।
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Arya Jha
अच्छा लिखा
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Preeti Shekhawat
behad umda 👌👌
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Kumar Anand
behtrin
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roopamonika
wo bat nhi h is kahani me
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Jay Prakash
सामान्य लेखन
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KRISHNA
nice
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प्रभात पटेल
बहुत सुंदर
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मिलन ध्यानी
कहानी के लिए नहीं मगर शब्दों के चुनाव और भाव को सही जगह पिरोने के लिए धन्यवाद, आपसे सीखने को मिला।
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Anita Joshi Dobriyal
Nice story....
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