इश्क.काम

'सोच'

इश्क.काम
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पाठक संख्या − 2788
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सारांश

"पंडित फोन रख। कल वो फिर आयेगी और तू फिर भूल जायेगा हमें। अभी वो है नहीं तो हम याद आ रहे हैं। तेरे इश्क के चक्कर में हम तो बस काम भर रहे गये। जरूरत भर दोस्ती..."
Poorni tiwari
बेहतरीन
Samrat Aryn
कुछ शब्द छोडबो किये हैं महराज....पुरा इमोशन एकदम छितरा दिये हैं। कमाल🙏
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Amit Chauhan
दोस्ती वाह
Anamika Shrivastav
Benaras aana hi hoga... jane to aisa kya hai waha ki hawao me ki log dosti me kuchh aisa bhi kr de ki jamana misaal de.. pahle sahar aur ab ishq. com.. chaunchak😍
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Rohit Kkumarr
bhai bhaut khubsurat likhe ho...
SAUMYA KUMARI
seems like true bhu life
Akshay Aditya
बहुतई बढ़िया लिख दिए आप
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