इंशाफ का मतलब

नवीन मद्धेशिया

इंशाफ का मतलब
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पाठक संख्या − 153
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सारांश

वैभव अपने पापा के फोटो के सामने खड़ा होकर उनसे बात कर रहा था। वैभव- पापा हम केश जीत गये।आप खुश तो है ना पापा [वैभव को उसका अतीत साफ साफ दिखाई देता है जब उसके पापा जवान थे उनका नाम रामप्रित था उनकी बूढ़ी माँ थी। उनकी एक बहन जिसका नाम लक्ष्मी था। उनकी पत्नी का नाम कौशल्या था ।उनका एक
सरोज वर्मा
अच्छी कहानी, लेकिन इतनी देर से न्याय मिलने का क्या फायदा!!
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Satyam Maddheshiya
adhunic nyay vyavastha pr adharit
Indira Kumari
बहुत बढियां आधुनिक न्याय व्यवस्था
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रजनी
वास्तविकता है इन्साफ भी धरोहर माफिक हो गया l
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bharat singh
कहानी अछी है परन्तु। देश में जब तक क़ानून किसकी रक्षा नही कर सकता है तो वो कानून किस काम हैं
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अनुरोध श्रीवास्तव
सुदर नाट्य👌
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मिo सिंह
काफी अच्छा है, थोड़ा सा ओर बहेतर हो सकता है । संवादों में भाव का पार्ट थोड़ा सा, थोड़ा सा flat रहा ।
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Pragya Bajpai
very beautiful and heart touching story. excellent.
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मंजीत कुमार
आधुनिक न्याय व्यवस्था को दर्शाती हुई एक उत्तम कहानी।
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Vivek Srivastava
कहानी का प्लाट बहुत अच्छा है और मुद्दा भी सोचने योग्य है, अच्छा प्रयास बस थोड़ी grammatical mistakes हैं पर कहानी अच्छी है।
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