इंतकाम भाग-11

शशि कुशवाहा

इंतकाम भाग-11
(49)
पाठक संख्या − 2107
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सारांश

ह्रदय की स्पंदन गति सहसा ही बढ़ गयी । प्रथम छुवन की एक अनोखी अनुभूति का मन में संचार हो चूका था । मन जैसे किसी कल्पना के सागर में डूब गया हो । एक मधुर संगीत सा चारो ओर से महसूस होने लगा । पूरा शरीर बिजली के कम्पन सा होने लगा। ये पल ऐसे थे जिसकी शायद कल्पना भी कभी मन ने ना की हो । पता नही किस भवँर में फसती जा रही थी । खुद में ही बेकाबू सी हो रही थी। कंपकपाते अधर कुछ भी कहने या करने की स्थिति में नही थे। ये आखिर कैसी प्रथम स्पर्श की अनुभूति मुझे हो रही थी ।
Amarsingh Tomar
nice next part
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Asmi Srivastava
superb...next part
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Rishabh Shukla
behtreen
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komal
nice...👌👌 waiting for the next part...
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Usha Sadhwani
aap bahot hi acha likhti he next part ka wait rahega
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अमजद हुसैन अंसारी
बहुत रोचक कहानी 👌👌✍️✍️ शशि जी अगले भाग का इंतेज़ार है हमें 🙏🙏
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Kashish
kya nayak hi khalnayak niklega? waiting for next part!!!👍👍👍👍👍🌟🌟🌟🌟🌟
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Sangita Gope
suspense
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नृपेन्द्र शर्मा
बहुत सही दिशा ले रही है कहानी
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Kajal Patel
waiting for the next part
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