आस्था का दीया

કલ્પના ચૌધરી

आस्था का दीया
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सारांश

आस्था का दीया दीया हाथो मे लेकर चल पडी मे, युही कीसी लय की ताल पे. वो सुंदर सी सुबह ओर पंछीओ की कलरव से गुज उठती हुवी सारी वादीया, मे तो युही चलती जा रही हुं सींदूरी सी सूबह मे सुबह के देवता को ...
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