आशीर्वाद

Rahil fatma

आशीर्वाद
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सारांश

शार्ट स्टोरी
Ghewar Ram Panwar
आज का बोया कल काटना ही पडता है।आज कल की बहुओ को अपना आने वाले समय का विचार करना चाहिए।कल इनको भी बुढापा आएगा।कहानी बहुत बढिया लगी।
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Blogger Akanksha SAXENA
बेहद मार्मिक बहुत ही सुन्दर
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Pushpa Dinesh
आच्छी कहानी है गुड
simran
really. speechless...
Surendra Wadekar
अतिसुन्दर
Archana Shah
मां का आशीर्वाद सदा साथ था पर मन दुखी। उस दुखी मन की आह लगी...पर देर हो चुकी थी। एक सबक देती हुई कहानी।
शशिकांत दीक्षित
हृदय को छू जाने वाली रचना।
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