आशीर्वाद

सुनील आकाश

आशीर्वाद
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सारांश

घुर्र से रोहन की मोटर साइकिल (बाइक) आगे दौड़ गई। द्वार पर खड़ी आरती को उसने पलटकर भी नहीं देखा। आरती को रोहन की इस बेरुखी से बड़ा दुख हुआ। रोहन उसी दिन से तो नाराज है जिस दिन से मां का पत्र गांव से आया ...
Sadhana Bahuguna
सुंदर संयोग, सास ससुर व बहू तीनों समझ दार हैं, वरना तालमेल बिठाना कठिन होता है, कहानी प्रेरणादायक है
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Kavita Arora
sub ki kismat me Happy Ending nahi hoti..purani peeri nyi peeri..aapas me understanding ban jana bhut mushkil baat ha..
vandana Agarwal
कहानी बहुत अच्छी है पर वास्तविकता से थोड़ा दूर है।
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Anuradha Singh
Nice story
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Dipti Chowdhary
कहानी अच्छी लगी ।पुरानी पीढी व नई पीढी के बीच यह समस्या आज जटिल होती जा रही है।अगर सही ढंग से दोनों पक्ष सोचे तो समाधान निकल सकता है।पारिवारिक सम्बन्ध को मजबूती दिलाने मे यह एक सार्थक कहानी है।
Sumedha Prakash
सार्थक कदम की ओर ले जाती रचना ।
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Lily Mishra
bahut sunder kahani, sachme bachche aur mata pita agar ek dusre ko samjhen to koi samasya nahi hai
Usha Mehra
very nice story. Truth of life
Satyanand Rao
So nice heart touching and real story
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somnath
खुपच छान
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