आपकी जिन्दगी रेस्ट्रा के बुफे जैसी है

समीर गिरि

आपकी जिन्दगी रेस्ट्रा के बुफे जैसी है
(41)
पाठक संख्या − 1162
पढ़िए

सारांश

जिंदगी को समझने एवं जानने के लिए अवश्य पढ़े ...
ravi
RaviUpadhyay
x🌹😍🌹🙏👍🙏
Narpat Singh Rathore Girab
बेहद सटीक समीक्षा
piyush jain
बहुत अच्छा।
Pawan Yadav
होटल का बुफे 10.30 बजे बंद हो जायेगा मतलब संदर्भ मे जिंदगी ख़त्म हो रही है, और बाकी बाते बुफे बंद हो जाने के बाद कही जा रही है, क्योंकि अपको अपके लिए दूध कॉर्न फ्लेक्स मिल चुका है इसलिए आप इसकी व्याख्या कर पाते हैं, पर जिंदगी इस तरह से बुफे की तरह ऑफर नहीं करती की आप अपनी आवश्यकता के अनुसार जितना ले सके ले ले, यहां चींटियों की तरह पहले से जमा करना पड़ता है कि जब आपातकाल के समय इस बात का दुख ना हो कि पहले से कुछ जमा नहीं किया, फिर अगर जिंदगी बुफे ही ऑफर कर दे तो ज्यादा लेना स्वाभाविक ही है,
kirti
very nice👌👌
CHETNA AGRAWAL
बहुत सुन्दर प्रस्तुति जिन्दगी की
Abadhesh Mathur
बेहद खूबसूरत तरीके से ज़िंदगी का सच वयां किया है😍😍😍😍👌👌👌💯लिड
सारी टिप्पणियाँ देखें
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.