आधी मोहब्बत

नीरा

आधी मोहब्बत
(87)
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सारांश

तुमने पक्का सोच लिया है? - महेश ने डबडबाती आँखों से कहा। हाँ, और यहीं मेरा आखिरी फैसला है- दुलारी ने पूरे स्वाभिमान के साथ कहा । सुन कर महेश की आँखों से आँसू छलछला गए,उसका गला रूँध गया। उसने दुलारी ...
राजेश सिन्हा
बेहतरीन कहानी। इस कहानी का अंत बेहद सही एवं उम्दा है।
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महक
अच्छा लिखते हो आप। आआपकी सृजनक्षमता कबीके तारीफ है
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Vinay Anand
उम्दा कहानी बधाई सर जी
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Khanak Sharma
kahani adhure hai please pura karny ki kosish kare
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Rupa Gurjar
बहुत ही मार्मिक कहानी है दिल को छू लेने वाली
Sachendra Singh
v nice story 👌👌👌👌
सौरभ दबंग
ending अच्छा नही रहा, मगर आप चाहे तो इसको अच्छा कर सकते है , इसके आगे का part प्रकाशित करके
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sudha tiwari
bahut sundar Kahani
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