आदिपर्व - अध्याय सतरावा

मोरोपंत

आदिपर्व - अध्याय सतरावा
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सारांश

केला होता शूरें प्रथमापत्यप्रदानपण सत्य; हृष्ट कराया स्वजनकभगिनीसुत कुंतिभोज अनपत्य. ॥१॥ वसुदेवाच्या जनकें पहिली कन्या दिली सख्यास पृथा; कीं साधुनें प्रतिज्ञा जाऊं देऊं नये कदापि वृथा. ॥२॥ ती कुंती ...
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