आज की वैदेही

सोनी पाण्डेय

आज की वैदेही
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सारांश

पिता के घर में आभा के कोई अरमान पूरे न हो सके थे, जब पहली कविता लिखी तो पिता ने मजाक बनाया, बड़ी बहन ने ये कहते हुए कविता फाड़ दी कि मुझसे मुकाबला करेगी। दूसरी उपेक्षा तब झेली जब इण्टरमीडिएट में टाॅप ...
Asha Jha
बहुत बहुत बधाई सुंदर रचना के लिए
Abha Raizada
RAM ho ya Ravan aurat dono ke dwara chali jati hai,ye iss samaj ki vidambna hai
Milind Kumar Sahu
बहुत ही सुंदर रचना
deepa k
swayam ki raksha khud karne mei Nippon vedehi.
Susmita Banerjee
बहुत ही सुन्दर रचना
Shourabh Prabhat
बहुत ही सुंदर भावाभिव्यक्ति.... कृपया मेरी रचनाओं पर भी अपनी राय दें
poonam Mahajan
Great story . This is what education supposed to do give u clear thinking
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