आघात, एक करुण कहानी

Dr. ईश्वरा जोषी

आघात, एक करुण कहानी
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पाठक संख्या − 119
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सारांश

1960/70 के दशक में समाज की जाति प्रथा, गरीबों पर अत्याचार और अमीर लोगों के व्यवहार को दर्शाती यह कहानी आप को फूट फूट कर रोने पर मजबूर करेगी। असल में अनेक सत्य घटनाओंको एक सूत्र में पिरोया है। यह कहानी विदेशो में बेहद पापुलर है। जापान में इसे बहुत सराहा गया। एक आम खेडूत के जीवन को दर्शाने वाली इस कथा का कोई न कोई हिस्सा आपने कभी न कभी सुना होगा अगर आप पचास की उम्र पार कर चुके हैं। अपने गाव में इस प्रकार की एक भी घटना ना बनी हो ऐसा हो ही नहीं सकता। अत्यंत सुन्दर कथा, जरूर पढ़िए।
Jyoti Agarwal
dil Ko Chu gai story.
गोकुळदास येशीकर
जबरदस्त कहानी ! वास्तव कितना कठोर होता है !
Shalaka Bhojane
aankhon mein aasu aa Gaye. kahani ki Rachana lajavab he. photo se lekar us photo ke piche ki Jo kahani he . wo bohut bha gayi Dil Ko . aur likhte Rehna isi tarah.mera hindi thoda kaccha he agar galtise Mene kuch likh diya ho to sorry
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दीपा देशपांडे
दिल को छू लेनेवाली कहानी गरिबोंके दुखदर्द का कच्चा चिठ्ठा. कहानी के अंत में एक सदमा सा लगा. speechless.
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Shraddha Ghawate
👌👌👌
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शांताराम निकम
कहानी की कडीया बहुतही अच्छी तरहसे जोडी गयी है!आगे क्या होगा, इसका सस्पेन्स कायम रखा गया है! कथा सामने घट रही है!ऐसा महसुस हो रहा था!कथा के सब पात्र सामने लाने मे लेखिका कामयाब हुयी है! धन्यवाद बहुत अच्छी कथा पढने मिली.
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Shashikant Harisangam
अजिब दास्ता है दर्दभरी अासूओको ले अायी.
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Arvind bute
दर्द कि ये दासतां आखों में असू ले आयी .जीवन का ये दारिद्रतासे संघर्ष कब खत्म होगा ? कब हर एक इंसांन खुशहाल और संपन्न बानेगा ?
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