आखिरी सत्य

Nidhi Vyas

आखिरी सत्य
(213)
पाठक संख्या − 12745
पढ़िए

सारांश

अंधविश्वास के प्रति जागरूक करती एक प्रेम कहानी |
Indra Kumar
bahut hi khubsurat kahani hai.
रिप्लाय
हरि औम शर्मा
लघु उपन्यास निधि व्यास की अच्छी और पठनीय रचना है । रचना जेल काट रहे तथाकथित बाबाओं के षडयंत्रों से प्रेरित है । अंधविश्वासी और भ्रमित लोगों के दिमाग की बत्ती जला दे, ऐसी कहानी है । कहानी का ताना बाना खूबसूरती से बुना है । भाषा सरल व शुद्ध है । शैली सुंदर है । लेखिका साधुवाद की पात्र है । 🙏
रिप्लाय
Manu Prabhakar
जबरदस्त कथानक । वास्तविकता से लबरेज़। 👌👌👌🙏🙏।
रिप्लाय
Gaurav Kumar
आगे भी लिखें। बहुत अच्छी कहानी
रिप्लाय
Deepika Vaishanv
behd acchi
रिप्लाय
ज्ञानेश्वरी द्विवेदी
समाज में तेजी से फैल रही इस गंदगी की बहुत ही उम्दा अभिव्यक्ति थी आपकी ये कहानी।बहुत सुंदर रचना, भावों से ओत-प्रोत।
रिप्लाय
Baljeet Kaur
sach he logo ne in babao ko bahut jyada sir pe chada kar rakha he
रिप्लाय
Meenakshi Gupta
Very nice story
रिप्लाय
Piyush Mishra
Bahut hi acchi h aisa laga padkar ki main koi film dekh rhi hun,ye story bilkul waisi h Jaise aasaram or usi tarah koi or tha baba, but Muslim samaj ke bare m likhne se ya film banane se har koi kyun darta h,unke yahan bhi to mulle molvi bhi to aisa karte Hain aakhir unpar bhi khuch likha Jaye har koi wahan ki bhi sacchai Janna chata h.Haan ek kami rah gayi story m wo aapne Nalini ke aateet k bare m khuch kyun nhi bataya
रिप्लाय
Sandeep Dhattarwal
A1
रिप्लाय
सारी टिप्पणियाँ देखें
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.