आईना

रमेश शर्मा

आईना
(200)
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सारांश

दंभ से भरे युवा अधिकारियों को ग्रामीण महिलाओं द्वारा आईना दिखाने की कोशिश करती यह कहानी
Santosh Kumari Yadav
ek achchhi pahal sundar kahaani
Usha Thapliyal
बहुत सही आचरण ।
Amitabh Shankar
आज के आधुनिक भारत में लोग अपने को साहब या सर कहने पर शान समझते है, लेकिन ये हमारे भारतीय संस्कृति के अनुरूप नहीं है।
Meeta Srivastava
बहुत ही अच्छी कहानी शब्दो का चयन काबिले तारीफ है
Vinata Pande
बढ़ियाही हुतब
Raka Sinha
Bahut sunder likha gaya hai...jo apnapan sahaj rahna ma bo aupchariktao ko nibhana ma nahi
Deepak Bansal
समाज में जागरूकता का आना व अपनी जड़ों से जुड़े रहना गांव में ही संभव है
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