आईना

कवि रूपेश राठौड़

आईना
(20)
पाठक संख्या − 213
पढ़िए

सारांश

सत्य का आईना
k n tripathi
universal truthआपने सही आइना दिखादिया। एक पुरानी कहावत है ,तब ना चेता केवला जब व्दारे आयी बेल,अबक्या चेते के वला जब भीतर छायी बेल।
रिप्लाय
Dr Sachin Rajmurti
बहुत खूब
रिप्लाय
Anita
jabardast likha bhaiya ji
रिप्लाय
Shristi Kr.
sachchai ka sahi chitran
रिप्लाय
Neelam Agarwal
सत्य लिखा अच्छी रचना
रिप्लाय
Sayyeda Khatoon
👌👌👌 उत्तम अभिव्यक्ति ।
रिप्लाय
सरोज प्रजापति
सटीक विश्लेषण
रिप्लाय
बलकार सिंह गोराया
जै श्री राम, कविवर। वाह वाह वाह। श्री राम जी के नाम पर कितना प्रसाद बांटा गया। फ्री बिजली, राशन, गैस, पढ़ाई, रोज़गार, तरक्की और क्या क्या। जै बाबा बाबर की, नेहरू की, जिन्हें कोसते कोसते 125 करोड़ का पेट भर गया। बस बस जी। आपकी रचना ने तो हमें भी शायरी सिखा दी। आपसे संपर्क होना सुखद अनुभव है। शुभकामनाएं।
रिप्लाय
योगेश
sahi baat hai rupesh ji mujhe bas yeh bolna ke agar ab congress ki kuch acha karti hai kisan ka karz maaf karti hai usme yeh bjp wale agar kuch bolte hai to congress ko janata ko bolna chahiye ki dekho yeh hi woh sarkar hai jo aapke khate mein 15 lakh dalne wali thi aur ab kisan ka karz maaf karne nahi deti...
रिप्लाय
Vimal sid
सटीक विश्लेषण किया है आपने
रिप्लाय
सारी टिप्पणियाँ देखें
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.