आइना

ओमप्रकाश क्षत्रिय

आइना
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सारांश

पार्सल खोला तो एल्बम था. पहला पृष्ट पलटा. उस के मातापिता का फोटो था, “ मुझे माफ़ कर देना. आप मुझे बहुत प्यार करते थे. हर छोटी बड़ी चीज का ध्यान रखते थे. मगर मैं ने आप के साथ धोखा किया.” आँख से आंसू टपक ...
sudha tiwari
बहुत ही अच्छा
Deepak Dixit
बहुत खूब
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ओम प्रकाश क्षत्रिय
बहुत अच्छी लघुकथा
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Girish Kumar Gumashta
काम शब्दों में बहुत कुछ
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Thanu Mahato
अच्छा हैं
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मनीला कुमारी
बहुत अच्छी लघुकथा है
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