अ नाॅट अनटाइड

शालिनी अग्रवाल

अ नाॅट अनटाइड
(212)
पाठक संख्या − 7777
पढ़िए

सारांश

इक उम्र होती है न जब बचपन खत्म होने को हो और जवानी अभी आई न हो, वह अल्हड़ उम्र, जिसमें मन प्रेम के नए नए एहसासों को छू छू कर खिलता सा जाता है,,, शिखा उम्र के उसी दौर में थी। गेहुआँ रंग,,गहरी भूरी आँखें
Amit Gour
So beautiful story
Jagriti Godara
अद्भुत,😘👌👌👌👌
Preeti Jain
Superr. Bhut sunder.
Rohit Sihag
nice story 👌👌
सारी टिप्पणियाँ देखें
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.