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Gaurav Kumar 'वशिष्ठ'

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सारांश

"गलती हो गई। अब क्या करें?" पापा के मुंह से निकले ये शब्द, सुमीत के कलेजे को अब भी भेद रहे थे। मन शर्मिंदगी से भरा जा रहा था।
Anupam Shukla
कहानी अच्छी है
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Geeta Jain
nice
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RUMAHTAB ALAM
kash ki har bachhe ko apni galti ka ehsas waqt rahte jo jaye 😢😢
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Yukta Choudhary
Behetarin kahani..
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Shivani Thakur
बहुत अच्छी
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Sudha Asthana
बेटे ऐसे हैं हाय तौबा !!!! समाप्ति भाव पूर्ण है
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नैन राज
ऐसी कहानियां पढ़कर दिल रो देता है. क्योंकि ये हर दूसरे घर की कहानी है. पता नहीं आजकल के बच्चे ये बात क्यों नहीं समझते कि उनकी ऊंची आवाज उनके माता पिता का दिल चीर कर रख देती है. बेहद अच्छी रचना..
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Sumit Hindu
अत्यंत सरल और भावपूर्ण
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Sunny Kansykar
🙏
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Amit Kumar
bhot hi shaandaar
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