अल्ला वारिस दे

अंजुलिका चावला

अल्ला वारिस दे
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सारांश

बेटे की चाह अर्थात स्त्री के मातृत्व की गौरवमयी उपलब्धि! हम स्त्रियां ही जिम्मेदार हैं अपनी सामाजिक स्थिति के लिए
Dr Pratibha Saxena
सटीक कथा
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Rachana Wadekar
Kya baat hai mam
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Bhavana Sagar
समाज में फैले भ्रम और कुरीतियों को बहुत खूबसूरती से उभर है आपने।
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Namrata Chandak
सही बात को ग़लत तरीके से प्रस्तुत किया है आपने फ़िर भी लिखने की हिम्मत जुटा सकी इसके लिए 👌कहानी का टाइटल भेद जाहिर कर रहा है सोच का
दीपा
👍👍
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Shachi Chaturvedi
Ye samaj ka bahut bada sach bhi hai or hm is bat ko najar andaj nahi kar sakte... Aapki saral bhasha me likhi gayi ye kahani muje dukhi to kr gayi pr lekhni me Dam hai... Likhte rahiye.
Mohan Chander Bhatt
बे सिर पैर की कहानी मत लिखा करो।।
Maurya Ambika
बिल्कुल सही कहा
Nirmala Choudhary
Right
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