अम्मा......आ....आ

एस.भाग्यम शर्मा

अम्मा......आ....आ
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पाठक संख्या − 2530
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सारांश

राजू को ऐसा लगा कोई उसे पलंग से उठाकर फेंक रहा हो। घबराकर राजू ने आंखे खोली। दीवार पर टंगी हुई तस्वीर हिल कर नीचे गिरी। पलंग अब भी हिल रहा था। तभी उसे समझ आया कि ये ंतो भूकंप है। उठ कर खड़ा होने लगा ...
Rajendra Rana
बहुत सुंदर
Pramod Ranjan Kukreti
bhut sundr .
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डॉ संगीता सक्सेना
कम में बहुत कुछ अभिव्यक्त करती कहानी।
Renu Sharma
बहुत खूब
Dr Durgaprasad Agrawal
दिल में बहुत गहरे उतर गई यह रचना. लेखिका का अभिनंदन करता हूं.
indu sharma
सादर प्रणाम बहुत मार्मिक कथा है बहुत संक्षेप में गहरी बात
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Shalini Sanjay
Nice
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mukesh nagar
अब सब बचा लिया उसने...सुंदर कहानी🙏🙏
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