अमृता-एक दास्तां

दिनेश कुमार दिवाकर

अमृता-एक दास्तां
(28)
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सारांश

मैं उसे ढूंढते ढूंढते उस मोड़ पर चला गया जाहा मौत से सामना होता है, लेकिन प्यार के सामने मौत भी छोटी लगने लगती है
Sudhir Kumar Sharma
अद्भुत
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Bala
👌👌👌👌
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Sweta Kumari
अच्छी कोशिश की आपने।लेकिन शादी करने के लिए केवल बड़े होने की ही जरूरत नहीं होती,,कमाना भी पड़ता है।।अमृता को घर लेकर जाओ अभी वहाँ क्लास लगना बाकी है।😀😀all the best
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Asha Shukla
very nice 🌹🌹🌹🌹
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Hemant Jain
apne muh miya mitthu
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