अमर प्रेम

वंदना गुप्ता

अमर प्रेम
(56)
पाठक संख्या − 14272
पढ़िए

सारांश

अजय , अर्चना और समीर के माध्यम से प्रेम के एक अलग पहलू को रेखांकित करने की कोशिश की है.
Manisha Giri
jbrdst interesting story. kash real life me aisa hota. koi nhi smjhne wala. khaskr mrd kbhi accept nhi kr skte is bat ko. unki wife kisi ko pyar kre. impossible h ye.lekin apne sachche pyar ki pribhasha hi bdl di. pyar dene ka naam h pane ka nhi. dil ke jjbat ko bhut achhe se likha h apne jo hm sirf mhsus krte h likh ya bta nhi pate. I proud of you apne bhut achhe se sachchai ko dikhaya h
रिप्लाय
Arushi Aron
कितनी सही कहानी ....ये वास्तविकता हो सकती हैं कभी
रिप्लाय
Sakshi Chhabra
bahut achi man ko bha gyi
रिप्लाय
Brij Bhushan Bharati
दाम्पत्य जीवन, एवं वास्तविक जीवन का कटु सत्य, लेखक को कोटि कोटि धन्यवाद।
रिप्लाय
Subhash Gupta
नत मस्तक हूं पर लेखक जी ये रचना कल्पना मे नही लिखी जा सकती कही न कही इसके एक भाग से आपका जीवन परिचित हैं मै इसे मानता हूँ क्योंकि एक अर्चना पिछले ३३ सालो से मेरे साथ है ज्यादा जानना हो तो आप मेरी सभी रचनाओं को पढ सकते हैं तीस साल पहले उसकी शादी के साथ ही जो सम्बन्ध बना वो आज भी है जहां कोई जिस्म नही है हम आज भी घंटों मिलते हैं पर हमे अब जिस्म नही दिखता जो आज से ३३ साल पहले जब हम कालेज में थे तब दिखता था 🙏🙏🙏🙏🙏
रिप्लाय
Rajnish Kumar
super
रिप्लाय
Sangeeta Goel
nics app ki bhvnao par acchi pakad ha khani bhut pasand aai
रिप्लाय
Ajnish Verma
Adorable. Shyad isse hee bodam hona kehte hain.yes...........I hv the same opinion. Aisa ho jaye toh bahut see mushkilen aasaan nahi ,solve ho jayengi.
रिप्लाय
Mamta Gupta
superb
रिप्लाय
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.