अब माफी और नहीँ

Annapurna Mishra

अब माफी और नहीँ
(42)
पाठक संख्या − 6366
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सारांश

निर्णय के पहले की कशमकश
हेमंत यादव
हृदयस्पर्शी कहानी
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विकास नागर
बहुत ही भावुक मन को छूने वाली कहानी है बहुत बहुत बधाई आपको अन्नपूर्णा जी
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fk bhati
बहुत अच्छा लिखा है
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Hena Sharan
Sahi Kiya shalini ne.superb story. 👌 👌 👌 👌 👌
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Seema Thakur
👍 ज्यादातर कहानियों को अंत में माफ़ी देकर 'अंत भला तो सब भला'वाली तर्ज पर समाप्त करते हैं, लेकिन मुझे इसका अंत सबसे अच्छा लगा। बर्दाश्त करने की भी एक सीमा होती है। ऐसे लोगों को माफ़ करना खुद को गाली देने के बराबर है।
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Susheela Barman
Bahut path प्रदर्शक
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Archana Kaushik
nice story
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suman sharma
Nice story
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Pooja Singh
Bhut hi achhi story
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