अबार्शन

मुकेश कुमार ऋषि वर्मा

अबार्शन
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सारांश

बेचारी प्रियंका को उसकी सासु व उसका पती उस दिन से टॉर्चर कर रहे थे, जब से पता चला है कि उसके गर्भ में पल रहा भ्रूण एक लड़की है | उस पर हर दिन - हर वक्त बस एक ही दवाब दिया जा रहा था..."अबार्शन" कराले, ...
Mukesh Verma
सत्य एसे ही चुभता है।अच्छी रचना
Satendra K Jain
अतिउत्तम
Rakesh Kumar Pathak
सटीक लेखन है।सत्य चुभता है पर अच्छा भी लगता है।
रीतू गुलाटी
बढिया लघुकथा। मेरी कहानी पर भी समीक्षा दे।
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