अप्रकट

जयनंदन

अप्रकट
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सारांश

बकझक से शुरु होकर गाली गलौज, हाथापाई, मारपीट, अबोला, नफरत! जब से होश संभाला है यही देख रही हूँ। हैरत है फिर भी आप दोनों एक ही घर में हैं और अलग होने की कभी कोशिश नहीं की। जानती हूँ कि आप दोनों के बीच ...
Varsha Sharma
अच्छी स्टोरी मगर एकपक्षीय लगी ..बेटी को माँ के प्रति भी संवेदनशील होना चाहिए था कोई सुझाव माँ को भी देती ..
Priyanka Puja
Ek beti apni ma ka dard nai samjh saki.. uska pati use dante se marta tha or tb v wo apne pita ko bol rhi ki dusri sadi kr lene. uski ma ka har bhav khtm ho gya itna jhgra hokr isly wo aisi ho gai. I m sorry 2 say but Mujhe isme beti ka character na samjh aya na pasand para.
Anil Sharma
uff,hila Diya ,bahut achhe
Dr. Santosh Chahar
हृदयस्पर्शी रचना। पति पत्नी के रिश्तों में जंग जब स्थान बना लेती है तो बच्चों की मनोस्थिति क्या होती है उसका जींवत चित्रण।
Mamta Upadhyay
दिल को छू लिया आपकी यह कहानी
Uday Pratap Srivastava
बहुत ही संबेदनशील कहानी
Jaya Mallick
लाजवाब है। और रचनाओ का इंतजार रहेगा
Reena Gaba
बहुत खूबसूरत
Santosh Bastiya
दिल को छू लिया। कृपया मेरी कहानी अंधेरों के साये भी अवश्य पढ़ें और सुझाव दें
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