अप्रकट

जयनंदन

अप्रकट
(20)
पाठक संख्या − 2002
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सारांश

बकझक से शुरु होकर गाली गलौज, हाथापाई, मारपीट, अबोला, नफरत! जब से होश संभाला है यही देख रही हूँ। हैरत है फिर भी आप दोनों एक ही घर में हैं और अलग होने की कभी कोशिश नहीं की। जानती हूँ कि आप दोनों के बीच
Anil Sharma
uff,hila Diya ,bahut achhe
Dr. Santosh Chahar
हृदयस्पर्शी रचना। पति पत्नी के रिश्तों में जंग जब स्थान बना लेती है तो बच्चों की मनोस्थिति क्या होती है उसका जींवत चित्रण।
Mamta Upadhyay
दिल को छू लिया आपकी यह कहानी
Uday Pratap Srivastava
बहुत ही संबेदनशील कहानी
Jaya Mallick
लाजवाब है। और रचनाओ का इंतजार रहेगा
Reena Gaba
बहुत खूबसूरत
Santosh Bastiya
दिल को छू लिया। कृपया मेरी कहानी अंधेरों के साये भी अवश्य पढ़ें और सुझाव दें
Ram Kripal Maurya
मानवीय संवेदनाओं का मार्मिक चित्रण,,,,
hindi@pratilipi.com
080 41710149
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