अनुरोध पत्र मेरा सम्मानिय लेखकों के नाम ?

sunita shrestha

अनुरोध पत्र मेरा सम्मानिय लेखकों के नाम ?
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पाठक संख्या − 14
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सारांश

एक पत्र लेखकों के नाम
अनिल गर्ग
सुनीता जी मै 111 रचनाएं प्रतिलिपी पर पोस्ट कर चुका हूँ।और लगभग हर रोज मैंने अपनी हर कहानी का अपडेट दिया है,और अपनी किसी भी रचना को अधूरा छोड़कर किसी भी पाठक को ये नहीं कहा की आगे की स्टोरी पढ़ने के लिए किसी और साइट पर जाओ।मगर इसके बावजूद मुझे रोजाना अपने पाठकों की शिकायत मिलती है कि मेरी कहानी के पार्ट नही मिलते। जब मैंने इस समश्या के संदर्भ में प्रतिलिपी को मेल की तो उनका कहना था कि अपने पाठकों को प्रतिलिपि अप्प को अपडेट करने के लिए बोलो,फिर उन्हें सारे पार्ट मिल जॉएगे। अब आप ये बताओ की इसमें लेखक की क्या गलती है। गलती या तो साइट की है या फिर रीडर की हैं जिसने अप्प अपडेट नही की।इस स्तिथि में एक लेखक क्या करे ? सिर्फ इतना बता दीजिए
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नृपेन्द्र शर्मा
बात तो ठीके बा, अवश्य ध्यान दिहल जाई,,
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राजेश कमल
आपने बहुत ही विचारणीय प्रश्न उठाया है। हर लेखक का अपने पाठकों के प्रति यह कर्तव्य होता है कि उन्हें ऐसी रचनाएँ दें जो कथ्य, शिल्प और भाषा के स्तर पर उम्दा हो। कृपया मेरी रचनाएँ भी पढ़ें और अपने विचारों से अवगत कराएं।
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