अनकही

ANAMIKA RANI

अनकही
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सारांश

डोरबेल की आवाज आई...., शाम के ७ बज रहे थे राजीव के आने का समय हो गया था। कविता भागती हुई दरवाजा खोलने गई तो सामने राजीव खड़ा था, उसके हाथों से बैग लेती हुई वह बोली बहुत थके लग रहें हैं आप....., बैठिए ...
SaNDeEP PraJapaTi (CHanDRa)
अच्छी कहानी लिखी अपने?!!!!!
Sir Mahendra
शानदार पत्नी 😯😯
Armaan Khan
बहुत अच्छी कहानी । ऐसी पत्नी नसीब से मिलती है।
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