अनकहा रिश्ता

अजितेश आर्य

अनकहा रिश्ता
(160)
पाठक संख्या − 8639
पढ़िए

सारांश

बदलते समाज में प्यार के नए दृष्टिकोण , समाज का एक अपरिभाषित रिश्ता......
Rakhi Nautiyal
jb insan pe jimmedariyon ka bojh bad jata h tb insan apne lye khushi dhundta h.chahe wo khushi use family se mile ya baher walo se.
Kiran Sharma
Aaj ke samaj ka such h but baad me sirf or sirf Dard he milta h to apni family ka sath he khush rajia
Chandra Prakash Yadav
बहुत बेहतरीन कहानी है ।
सिमरन जयेश्वरी
बहुत खूब... इससे ज्यादा मेरे पास शब्द नहीं... धन्यवाद😇🙏🏻
रिप्लाय
Divana dipak Dildar
aapneyto mere Dil ki baat likhi is Kahani mein Jo Na mil sake wohi bewafa ye badi ajeeb si baat hai Jo Chala Gaya mujhe chod Kar wo aaj tak mere saath hai
Tejwan Oraon
पढ़ने मे रोचक लगा । आज के सन्दर्भ मे यह हकीकत है । समाज मे ऐसा हो रहा है । किन्तु यह भी सच्चाई है, कि इससे बहुत से परिवार बर्बाद हो गये ।
सारी टिप्पणियाँ देखें
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.