अधूरी पहल

Bhavana Tiwari

अधूरी पहल
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सारांश

आज श्वेता बहुत खुश थी, कारण उसकी माँ जो बहुत खुश थी। श्वेता ने अपनी हर ख़ुशी हमेशा माँ से ही पाई थी तो जब माँ खुश थी तो उसको लगा उसका भी खुश होना तो बनता था। आज दोपहर दिल्ली के बड़े नामी गिरामी स्कूल ...
Abhay Kumar pandey 1991
कहानी आपकी बहुत ही सुंदर थी
Maurya Ambika
बिल्कुल सच
चेतन लोधी
बहुत ही सुंदर रचना।
Varicha Kashyap
बहुत बढ़िया।समाज को जगाने की अच्छी पहल
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Bimlesh Mishra ft
जब ऐसी नौबत आए तो पतिको मारकर समाज में बढिया काम करके मिशाल पेश करनी चाहिए।
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