अधूरी गृहणी

SURYA RAWAT

अधूरी  गृहणी
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सारांश

सविता ने अंकल जी वाला रूम खोला ..... और देखा तो हैरान रह गई पैरों तले ज़मीन धंसने लगी हो जैसे..... और चक्कर आने लगे । यकायक सविता ने...
khushboo thakur
rajiv ki bhi galti thi
Anshul Singh
behad shandar lekhni. kahani ki nayika ko apne pati par taras aata hai aur jispe taras aata hai usse pyar nhi ho sakta ye satya hai. kabhi kabhi insan chah ke bhi sab kuchh prapt nhi kar pata. behad imandar varnan. 👍
pranali gathibandhe
speechless story 👌👌
Bhawna Arora
नारी के जीवन का सत्य और दर्द मैं खुद को भी आपकी कहानी में पाती हूं।,
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अनिता तोमर
फिल्म उद्योग की हकीकत को बेनकाब करती हुई कहानी.... उम्दा लेखन 💐💐
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Rashmi Tiwari
फिल्म इंडस्ट्री की हकीकत है यह सब कुछ पाना और बहुत कुछ खो देना कहानी दिलचस्प है साहसी और बेबाक कलम है आपकी मेरी हार्दिक शुभकामनाएँ आपके लिए।
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मंजुबाला
इंसान की अति महत्वकांशा अंत दुःखद ही होता है
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Vidya Sharma
यह फाइव स्टार ना तो मैंने आप की कहानी के विषय को दिए हैं और ना ही आपकी लेखन शैली को यह मैंने आपकी हिम्मत को दिया है क्योंकि ऐसा कंटेंट लिखने की हिम्मत फिलहाल तो मुझ में नहीं है दूसरी बात इस कहानी की नायिका ने ऊंचाइयों को छूने के लिए जो भी किया जैसे भी किया उसकी अपनी सोच रही है लेकिन ऊंचाइयों पर जाने के लिए जब भी कोई गलत रास्ता बनाता है या किसी अपने की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है तो उसका ऐसा ही अंत होता है फिर वह कोई भी क्यों ना हो क्योंकि इस तरह से आपके आसपास लोगों की भीड़ जमा हो जाती है लेकिन कोई भी एक ऐसा शख्स नहीं होता जो आपकी मुस्कुराहट के पीछे छिपे दर्द को पहचान सके.. यह कहानी एक संदेश भी देती है कि जो हमारे आसपास बिखरा है उसी को समेट कर उसे संजो लेना चाहिए नाकी अधिक पाने की आशा में सब कुछ गवाना चाहिए
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Savita Negi
पूरी फिल्म थी ये तो, सबकुछ होते हुए भी कुछ ख्वाइशें अधूरी रह ही जाती है👍
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rashmita
kuch ichhaye jivan me adhuri rah jati hai
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