अधूरा प्यार-१

आशिष पण्डित

अधूरा प्यार-१
(55)
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सारांश

मेले में तुम्हारे साथ घूमना,तुम्हारे साथ घुमने जैसा तो न था। पर तुमसे 10 कदम दूर दूर पुरे मेले में भटकना, मुझे अच्छा लगा बस। कभी 10 कदम आगे,कभी 10 कदम पीछे। तुम जब कप वाले की दुकान पे ढूंड रही थी एक ...
Nancy Singh
nice..
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Poonam Kaparwan
my eyes flow to show your memories breaking every thing. when someone gone our life gives pain and breakness .you hv so many pain in creations
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neha Pandey
feeling... gagar me sagar
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अमितेन्द्र सिंह
सुन्दर भाव और स्रंगार की अभिव्यक्ति आदरणीय आशीष जी बधाई।
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JANVI Nayyar
nice
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Dharmpal Matwa
बहुत अच्छा लिखा है भाई
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Amrita Tiwari
very heart touching...realy something like..a someone real story.
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Jugul Kishor Pandey
वाह वाह ।
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Rashmi Dwivedi
behtarin lekhan
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