अधूरा इश्क

अरुण गौड़

अधूरा इश्क
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सारांश

अब भी करीशमा, मैने कल बताया था ना की मेरे दोस्त मुझे खुशी कहते हैं’, उसने नारजगी दिखाते हुए कहा। ‘औह् हां, भूल गया, क्या करू पहले से करीशमा नाम ही जानता हू आपका तो बस वह ही याद रहा’, मैने ना समझ बनते हुए कहा, लेकिन सच तो यह है की मै उसके मुह से एक बार फिर अपने लिये दोस्त शब्द सुनकर उसकी और अपनी दोस्ती को कन्फर्म करना चाहता था। ‘अब तो जान गये हो ना मेरा नाम, अब मत भूलना क्योकी अगर फिर से तुमने मुझे करिशमा, कहा तो फिर हमारी दोस्ती खत्म’, उसने अपनी बडी सी आंखो को और बडा करते हुए कहा। ‘नही..नही..ऐसा कभी नही होगा’.................
Narmada Patel
awesome 😍
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Raj Kishor
गुड़
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Radhika Raj
heart touching story
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Madhu Katyal
good story
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Reena Kairi
बहुत अच्छी लगी सुखद अंत ।
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Sunita Sukhralia
ye adhura nhi h pura h nature bhi
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Binita Patel
excellent it is ideal story
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Lalita Malhotra
NYC story ....acha end dikhaya..hai....aissi story to film mai ya kitabo mai milti hai ..real life mai shayad nahi....
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Shikha Upgade
Heart touching story
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Geeta Pandole
बहुत सुंदर कहानी
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