अदिति (एक अनोखी कहानी भाग-4)

शशि कुशवाहा

अदिति (एक अनोखी कहानी भाग-4)
(83)
पाठक संख्या − 11437
पढ़िए

सारांश

ललित तेज तेज कदमो से लगभग दौड़ता हुआ सा चला जा रहा था । आज घर लौटने में रात के 11 बज गये थे।ललित एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था । वो रोज 9 बजे तक घर वापस आ ही जाता था लेकिन आज उसे ऑफिस में काम ...
Neeta Chaturvedi
भाग तीन पढ़ना है दोबारा भेजें
Nirupa Verma
very nice story sirji ..
Nancy Singh
so beautiful n sweet love story....
दुर्गा प्रसाद
बहुत सुन्दर। गद्य साहित्य को भी अलंकार और समासों से परिपूर्ण पद्य से भी सुन्दर बना दिया है आपने।कहानी बहुत अच्छे से बढ़ रही है ँ
रिप्लाय
Awadhesh Maurya
Your all stories all amazing
रिप्लाय
सारी टिप्पणियाँ देखें
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.